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गुरु-शिष्य परम्परा - शिक्षक दिवस

गुरु-शिष्य परम्परा - शिक्षक दिवस

 
प्राचीन गुरु-शिष्य परम्परा का निर्वहन करते हुए प्रतिभास्थली की छात्राओं ने शिक्षक दिवस पर दी रंगा-रंग प्रस्तुतियाँ ।

‘समर्पण’ गुरु और शिष्य के बीच की वो कड़ी है, जो शिष्य को गुरुचरणों में समर्पित कर देती है और गुरु को शिष्य के जीवन-निर्माण में अग्रसर कर देती है । प्रतिभास्थली की छात्राओं द्वारा इन पावन संबंधो को अपनी बाल सुलभ कल्पनाओं से मंच पर मंचित करने का सफल प्रयास हुआ । उनकी चेतना को झंकृत देख शिक्षिकाओं का मन प्रफुल्लित हुआ ।