समाचार और घटनाक्रम

2026

स्मृतियों के खजाने में एक और पल हुआ शामिल प्रतिभास्थाली परिसर में आयोजित 2 फरवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 पांच दिवसीय “स्मृति वर्धन कार्यक्रम” (Memory Enhancement program) में शामिल कक्षा 6वीं से 12वीं तक की छात्राओं ने किया ज्ञानवर्धन, समृत्तिवर्धन और अनुभववर्धन के साथ-साथ मनोरंजनI

भारत के विख्यात स्मृति और मस्तिष्क प्रशिक्षक (Cognitive Trainer) ‘श्री जय सिम्हा’ के ज्ञान और अनुभव का भरपूर लाभ छात्राओं को मिलाI “Multiple Guinness Record World Holder Squadron Leader” जय सिम्हा जी  ने सभी कक्षा की छात्राओं को इतिहास की महत्वपूर्ण तिथियाँ तथा घटनाएं, सभी देशो के झंडे, गणित की ट्रिक और विज्ञान के फार्मूले तथा रसायन विज्ञान की पिरियोडिक टेबल आदि बहुत आसान तरीके से जीवन पर्यंत लिए मुखाग्र करा दीI

Teacher’s Robotics Training

गुणों के साथ आगे बढता प्रतिभास्थली में शिक्षकों को 31 जनवरी से 2 फरवरी 2026 तीन दिवसीय robotics की ट्रेनिंग मिली, प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को AI, Coding, Robotics technology पर आधारित शिक्षा दी जाये जिससे छात्रायें आज के बढते युग के साथ आगे बढे और देश का विकास करने में सराहनीय योगदान देI

द्वितीय समाधी महोत्सव 27-01-26

गुरु स्मृतियों सरोवर में भाव भीने पल

वैसे तो आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज का यह द्वितीय समाधी दिवस था लेकिन प्रतिभास्थली परिसर में हुई प्रस्तुतियों से ये झलक रहा था मानो आचार्यश्री जी साक्षात मंचासीन हो। अद्भुत अंतरंग भक्ति के अध्यात्मिक स्वर और हर होठों पर थे आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज।

कार्यक्रम आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री निर्दोष सागर जी ससंघ सानिध्य में हुआ।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में त्यागी व्रती वर्ग और समाज के श्रेष्ठी वर्ग भी उपस्थित थे।

एक नन्ही छात्रा ने अपने वक्तव्य से गुरु चरणों में दी भावविभोर श्रध्दांजली।

सभी ने अश्रुपूरित से समर्पित की गुरु चरणों में विनयांजली।

26-01-2026 – देश भक्ति तरानों से गूँज उठा प्रतिभास्थली परिसर।

गणतंत्र दिवस की प्रभात बेला में प्रतिभास्थली परिसर में देश भक्ति तराने गूँज उठे।

झंडा वंदन राष्ट्रगान और बेंड की सलामी के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के द्वारा प्रतिभास्थली छात्राओं ने देश प्रेम की बहार ला दी। देश भक्ति की धुन पर थिरके नन्ही छात्राओं के कदम।

इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री निर्दोष सागर जी के हुए मंगल प्रवचन। लाभान्वित हुआ सम्पूर्ण जनमानस।