आओ और सीखें
खजुराहो 2024
समय गुरु की छवि में दिखी विद्या गुरु की तस्वीर।
छात्राओं की आँखों में झलकी विरह-वेदना की पीर।।
आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज की समाधि के उपरान्त पहली बार नवाचार्यश्री समयसागर जी महाराज जी की चरण सन्निधि में शरद पूर्णिमा को खजुराहो पहुंची प्रतिवर्ष की तरह प्रतिभास्थली जबलपुर की छात्राएँ।
विद्यागुरु की छवि को छात्राएँ सिंहासनारूढ़ नवीन आचार्यश्री समयसागर जी महाराज में खोज रही थी। गुरुमुख से अपने प्रश्नों के उत्तर पाकर छात्राओं के निराश मन में आशा का संचार हुआ। एक छात्रा ने पूछा- “गुरूजी की बहुत याद आती है, क्या करें?” गुरुमुख से – “गुरुजी को कंठस्थ कर लो तो उन्हें कभी भूलेगें ही नहीं।” आचार्य भगवन का असीम स्नेह और वात्सल्य पाकर छात्राएँ धन्य हुयी। गुरु की कमी पूर्ण करने का पुरुषार्थ चलता रहा तो भी मन रह रहकर विद्या छवि को ढूढ़ता रहा…
यात्रा पूर्ण हो गयी पर आचार्यश्री जी की स्मृतियाँ हृदय पटल पर अंकित हो गयी।
सतत…निरंतर…लगातार…पुनः फिर आपके दर्शन शीघ्र मिलें… मेरे भगवन…