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भ्रमण 2025

4थी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

16 दिसंबर 25 शैक्षणिक भ्रमण पर गई कक्षा 4थी की नन्ही परियां।
देखा उन्होंने धुँआधार जलप्रपात का विशाल दरिया।
आनंद यात्रा के थे ये अनुपम पल।
यात्रा की यादों से भर गया स्मृती पटल।
दीदी हम हमेशा संजोकर रखेंगे ये स्वर्णिम पल।
खुश हो करने लगी छात्रायें चहल-पहल।

5वी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

22 जनवरी 26 को कक्षा 5वी की छात्राओं ने किया मानेगांव में शैक्षणिक भ्रमण।

बच्चें तो खेलो के दीवाने होते है और वो भी गेम जोन(Game Zone) मिल जाये तो मज़ा ही मज़ा। कक्षा 5वी  की छात्राओं ने मानेगांव के गेम जोन में तरह-तरह के खेल खेले और शारीरिक व मानसिक स्वाथ्य लाभ लिया।

6वी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

18 जनवरी 26 को कक्षा 6वी की छात्राओं ने किया शैक्षणिक भ्रमण। पिकनिक के नाम से ही छात्राओ का मन मयूर नाच उठता है और फिर उससे भी हो शुगर फैक्ट्री की यात्रा शामिल तो कहना ही क्या?

कक्षा 6वी की  छात्राओं ने शहपुरा की शक्कर कारखाने में बनती शक्कर को देख मन मिठास से भर गया। यात्रा के पलों में शक्कर कारखाने की यादें और जुड़ गयी।

7वी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

25 जनवरी 26 को कक्षा 7वी की छात्राओं ने किया मुकुंदपुर भ्रमण।

मुकुंदपुर में चिड़ियाघर देख छात्रायें आनंदित हुई। लेकिन साथ ही उन्होंने उन जीवो की स्वंत्रता की भावना भी भाई।

बिलहरी के प्राचीन जैन मंदिर में चतुर्थकालीन प्रतिमाओं के दर्शन कर छात्राओं का मयूर मन नाच उठा।

8वी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

22 दिसंबर 2025 में कक्षा 8वी की छात्राओं ने राजा भोज की नगरी भोपाल में किया शैक्षणिक भ्रमण।

प्रभात बेला में पूज्य मुनि श्री निर्वेग सागर जी के दर्शन का लाभ लिया। तत्पश्चात विधान सभा का भ्रमण किया भोपाल झील में नौका विहार का आनंद लिया।

9वी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

महाराष्ट्र की धरा पर किया प्रतिभास्थली की छात्राओं ने 8 नवंबर से 16 नवंबर 2025 में शैक्षणिक भ्रमण। गजपंथा, मंगितुंगी की वंदना का लिया लाभ। बारामती में गुड़ बनते देखा और खाए छप्पन पकवान। मुंबई की तो बात अनोखी देखी कार्मिक सेंटर और साइंस सिटी।
देखी चौपाटी और समुद्र की लहराती लहरें। इण्डिया गेट और ताज होटल की तस्वीरें। ज्ञानवर्धक के साथ हुआ मनोरंजन, मुंबई वालों ने किया छात्राओ का अभिनन्दन।

10वी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

कक्षा १०वीं की छात्राओं के लिए इस वर्ष तीन दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस यात्रा के प्रथम दिन छात्राओं ने चंद्रगिरी पहुंचकर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समाधि स्थल के दर्शन किए। वहाँ के पवित्र वातावरण सभी ने आत्मिक शांति का अनुभव किया। छात्राओं ने आचार्य श्री के महान त्याग, तप और साधना को स्मरण करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सदाचार, अनुशासन और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। यह अनुभव छात्राओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और स्मरणीय रहा।

इसके पश्चात् छात्राओं ने रायपुर के विभिन्न रोचक और ज्ञानवर्धक स्थानों का भ्रमण किया, जिनमें जंगल सफारी, ट्राइबल म्यूज़ियम, म्यूज़िकल फाउंटेन और गेम ज़ोन प्रमुख रहे। यह यात्रा छात्राओं के लिए ज्ञान, प्रेरणा और आनंद से परिपूर्ण रही।

11वी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

नए सत्र की शुरुवात, राजस्थान यात्रा के साथ

  • कक्षा–११वीं की छात्राओं की शैक्षिक यात्रा की शुरुवात कोटा की भूमि पर पूज्य निर्यापक श्रमण श्री १०८ योगसागर जी महाराज के दर्शन व आशीर्वचन से हुई।
  • कोटा में चम्बल रिवर फ्रंट पर छात्राओं ने एक साथ भारत के अनेक धरोहरों के दर्शन किए।
  • १८ फरवरी २०२६ की प्रभात वेला में उदयपुर के देवारी मंदिर में गुरूजी की द्वितीय पुण्यतिथि गुरु स्मृतियों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने गुरु भक्ति में स्नपित होकर प्रस्तुतियाँ देकर वातावरण को गुरुमय बनाया।
  • जयपुर में सिटी पैलेस का भ्रमण किया तथा ‘फनकिंगडम’ में छात्राओं ने आधुनिक एवं रोमांचिक खेलों जैसे zipline, zip cycle, wall climbing, rappelling wall, rope course का आनंद उठाया एवं आमेर किला, जंतर-मंतर आदि ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण कर चूलगिरी अतिशय क्षेत्र और सांगानेर के दर्शन का लाभ लिया।
  • पनारवा गाँव में छात्राओं ने जैविक कृषि के महत्त्व को समझा एवं Banyan roots के डायरेक्टर श्री रोहित जैन ने छात्राओं को जैविक कृषि के प्रेरणा स्त्रोत आचार्या श्री विद्यासागर जी महाराज की महिमा बताते हुए Banyan roots के सफर से अवगत कराया।

12वी कक्षा की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

इस बार कक्षा-१२वीं की छात्राएँ अपनी बोर्ड परीक्षाओं के पूर्व गुरु आशीष प्राप्त करने के लिए चंद्रगिरी, डोंगरगढ़ आचार्य श्री विद्यासागर जी महा मुनिराज की समाधि स्थली के दर्शन कर अद्भुत उर्जा अनुभव की। आचार्य भगवन के आशीर्वाद से बने नव चन्द्रप्रभ जिनालय के दर्शन कर अभिभूत हुई। दीदियों द्वारा आचार्यश्री जी के संस्मरणों को छात्राओं तक प्रेषित किया गया।