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पर्वाधिराज पर्युषण

पर्वाधिराज पर्युषण

तप और उपासना की भूमि- प्रतिभास्थली की धरा पर दशधर्मों के सुरभित व संयम स्वर्ण महोत्सवमय वातावरण में गुरु भक्ति के रंग में रंगी बालिकाओं ने पर्युषण धूमधाम से मनाये ।
दस दिनों में बाल कलाकारों द्वारा तरह-तरह की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गई । कवि सम्मलेन, नाटक मंचन, अन्ताक्षरी, प्रश्न मंच, जिनवाणी सजाओ, संस्मरण सुनाओ, हाइकू चित्रण, जय बोलो आदि जैन संत आचार्य विद्यासागरजी महाराज के जीवन दर्शन पर आधारित प्रतियोगिताओं में भाग लेकर छात्राओं ने अपनी भक्ति और क्षमता का पूर्ण प्रदर्शन किया ।